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तीर्थंकरो के द्वारा होती है धर्म तीर्थ की स्थापना : मुनिश्री

Saturday, January 28, 2023

/ by Today Warta



नयनाभिरामक निकली शाही पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की मंगल कलश यात्रा

मुनि संघ के सानिध्य में अयोध्यापुरी पहुंचा श्रद्धा का सैलाव

ललितपुर। श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब बडे बाबा अभिनंदानाथ त्रिकाल चौबीसी, रजतमयी चौबीसी नन्दीश्वर सहस्त्रकूट गुफामय कल्पवृक्ष मानस्तम्भ जिनबिम्ब का शाही पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आगाज हुआ। महामहोत्सव की भव्य कलश यात्रा क्षेत्रपाल मंदिर से निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में नगर के प्रमुख मार्गो से निकली जिसमें भक्त श्रीजी को रथ में विराजित कर अपने हाथों से खीचकर पुण्र्याजन कर रहे थे। कलश शोभायात्रा की छटा अपने आप में अनूठी रही जिसमें दिव्यघोषों की धूम के साथ महिला मण्डल केशरिया ध्वज पताकाए लिए हुए आगे आगे चल रहे थे। प्रतिष्ठा महोत्सव में महापात्र माता पिता की भूमिका में कल्पना अनुपम झांकी विशेष वाहन में सुसज्जित रही, जवकि हाथी पर ध्वज पताकाए लिए चल रहे थे। कलश यात्रा में महिलाए जैन ध्वजा के रंग में लाल पीली सफेद हरे रंग के वस्त्रों में अनुशसित चल रही थी। वायु शुद्धि, जल शुद्धि, मंागलिक द्रव्य क्षेपण, रंगोली क्षेपण करते हुए महिलाओं के समूह जहां शोभायात्रा में आकर्षण के केन्द्र रहे वही उनके पीछे पीछे छत्री टीम, भक्ताम्मर महिला मण्डल, प्रतिभास्थली पेरेंटस गु्रप धूप घट में समर्पित करते हुए चल रही थी। सोलह सलाखा बच्चे गुलदस्ता टीम गु्रप के साथ  और उनके पीछे पीछे चल रहे थे। शोभायात्रा में पांच पापों की झांकी, विद्या गुरू मण्डल का गरवा, छह ऋतुओं के पेड, डम्बल नृत्य नीली श्राविका मण्डल पाठशाला के बच्चों का प्रदर्शन, जोशाना समैया मण्डल, पाठशाला की वहिनों का प्रदर्शन, वद्र्धमान महिला संभाग, धूमर वालिका मण्डल के साथ दयोदय म्यूजिकल गु्रप एवं दिव्यघोष के स्व्यंसेवक मंगल गान कर रहे थे। इन्द्र इन्द्राणियों के उपरान्त 32 चवर लेकर श्रावक चल रहे थे। शोभायात्रा में श्रीजी को रथ में विराजित कर इन्द्रगण थे। शोभायात्रा वर्णी चौराहा से होते हुए तुवन मंदिर चौराहा सदरकांटा से निकली जिसमें आगे आगे तमिल लुंगी टीम के नवयुवक अपना प्रदर्शन कर रहे थे शोभायात्रा में रतज रथ में श्रीजी विराजित कर श्रावक अपने हाथों से खीच रहे थे उसके आगे आगे मुनि सुधासागर महाराज अपने संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज एलक धैर्यसागर महाराज क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के साथ श्रावकों को आशीर्वाद प्रदान कर रहे थे। प्रतिष्ठा महोत्सव में यज्ञनायक एवं अन्य प्रमुख पात्र विशेष वाहन वग्गियों में शोभायात्रा में चल रहे थे। शोभायात्रा सदर कांटे से इलाइट चौराहा से होते हुए पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजन स्थल अयोध्यापुरी पहुची। दो किमी लम्बे अन्तराज में सुसज्जित शोभयात्रा देखने के लिए श्रद्धा का सैलाव उमडा मित्र मण्डल बडा मंदिर ने खुशी में मिष्ठान का जहां वितरण किया वहीं मार्ग मे श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मुनि श्री से आशीर्वाद ग्रहण किया। सुबह क्षेत्रपाल मंदिर में मंगलाष्टक दिग्बंधन, रक्षामंत्र शान्तिमंत्र यंत्राभिषेक घटयात्रा पूजन हुई। धर्मसभा में निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के माध्यम से जीवन में जहां परिणामों में विशुद्धि वढती वहीं आत्मा पवित्र और निर्मल होती है। पंचकल्याणक में तीर्थंकर के पांचों कल्याणकों को स्वर्ग से सौधर्म इन्द्र आकर मनाते हैं। एक सामान्य मां भी धन्य हो जाती है जव वह पंचकल्याणक में तीर्थंकर की मां बनती है वह सर्व वंदनीय जो जाती है। मुनिश्री ने कहा जैन धर्म अनादि काल से है हर तीर्थंकर अपने अपने समय में धर्म तीर्थ की स्थापना करते हैं। तीर्थंकर ऐसी आत्मा होती है जो तीनों लोकों में सभी के सुख की भावना और कल्याण की भावना भाती है आज उन्हीं तीर्थकरों के कल्याणकों को मना रहे हैं।

मुनि सुधासागर महाराज ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन आज

निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ससंघ का भव्य पिच्छिका परिवर्तन दिनांक 29 जनवरी को अपरान्ह 1 बजे शाही पंचकलयाणक प्रतिष्ठा महोत्सव अयोध्यापुरी में जैन पंचायत ललितपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। संयम के महोत्सव में निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज नगर गौरव पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को संयमी श्रावक नवीन पिच्छिका प्रदान कर पुरानी पिच्छिका ग्रहण करेंगे। पिच्छिका महोत्सव को दि. जैन युवा वर्ग अशोकनगर द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिभव्यता के साथ तैयार किया गया है जिसमें दूरांचलों से श्रावक श्रेष्ठी सम्मलित होगे।

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