लखनऊ। करीब 15 वर्ष पहले गुड्डू को गोरखपुर पुलिस ने पटना जेल के बाहर से गिरफ्तार किया था जिसके बाद अतीक ने उसकी जमानत कराई थी। गुड्डू मुस्लिम के करीबी संबंध पूर्वांचल के एक बाहुबली पूर्व सांसद और फैजाबाद के बाहुबली विधायक से भी रहे हैं। उमेश पाल और गनर ही हत्या में अतीक और उनके परिजनों के बाद जिस गुड्डू मुस्लिम को नामजद किया गया है, वह यूपी और बिहार के कई माफिया का करीबी है। गुड्डू को बम बनाने का माहिर माना जाता है।
करीब 15 वर्ष पहले गुड्डू को गोरखपुर पुलिस ने पटना जेल के बाहर से गिरफ्तार किया था जिसके बाद अतीक ने उसकी जमानत कराई थी। गुड्डू मुस्लिम के करीबी संबंध पूर्वांचल के एक बाहुबली पूर्व सांसद और फैजाबाद के बाहुबली विधायक से भी रहे हैं। दोनों लखनऊ में रेलवे, मोबाइल टॉवर आदि के टेंडर पूल कराने के लिए गुड्डू मुस्लिम की मदद लेते थे। उस दौरान चारबाग के बाहुबली एमएलसी अजीत सिंह का रेलवे आदि में दबदबा था। अजीत गिरोह से मोर्चा लेने के लिए गुड्डू का इस्तेमाल किया जाता था। बसपा सरकार में हुए इंजीनियर हत्याकांड में पुलिस को उसकी तलाश थी। गोरखपुर का एक माफिया जिसको कुख्यात अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला अपना गुरू मानता था, वो भी गुड्डू का करीबी है। उसने ही बिहार केमाफिया उदयभान से गुड्डू को मिलवाया था। पुलिस अधिकारियों की मानें तो गुड्ड लखनऊ के हुसैनगंज स्थित ओसीआर बिल्डिंग में कई वर्षों तक रह चुका है। वह रियल एस्टेट का कारोबार कर रहा था। अतीक के बुरे दिन शुरू होने के बाद वह अचानक गायब हो गया।

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