लखनऊ। लखनऊ से बने जिस शस्त्र लाइसेंस को अब्बास ने दिल्ली स्थानांतरित कराया था, उस पर निशानेबाजी के लिए सात असलहे खरीदने की अनुमति थी। लेकिन दिल्ली पुलिस में शस्त्र लाइसेंस का ब्योरा रखने वाले अधिकारी ने नियमों को दरकिनार कर आठवां असलहा भी दर्ज कर दिया। माफिया मुख्तार अंसारी का बेटा और मऊ से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी पर दिल्ली पुलिस भी खासी मेहरबान थी। लखनऊ से बने जिस शस्त्र लाइसेंस को अब्बास ने दिल्ली स्थानांतरित कराया था, उस पर निशानेबाजी के लिए सात असलहे खरीदने की अनुमति थी। लेकिन दिल्ली पुलिस में शस्त्र लाइसेंस का ब्योरा रखने वाले अधिकारी ने नियमों को दरकिनार कर आठवां असलहा भी दर्ज कर दिया। अब एसटीएफ ने आठवां शस्त्र दर्ज करने वाले अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब किया है। गैरकानूनी तरीके से कई असलहे खरीदने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने अब्बास के सभी सात शस्त्रों को जब्त कर लिया था।
इसके बावजूद अब्बास ने स्लोवानिया से अत्याधुनिक रायफल और .300 बोर की स्पेयर बैरल खरीदी। जिसे दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग अधिकारी ने उसके लाइसेंस पर दर्ज कर दिया। उसने अब्बास के खिलाफ चल रहे मामलों और शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई को भी नजरअंदाज किया। एसटीएफ संबंधित अधिकारी को मार्च के पहले सप्ताह में पेश होने को कहा है। एसटीएफ ने दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिग अथॉरिटी के कार्यालय की तलाशी का वारंट भी लिया था।
डीएम के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई
एसटीएफ ने अब्बास को शस्त्र लाइसेंस जारी करने वाले लखनऊ के तत्कालीन डीएम अनुराग यादव से भी पूछताछ की थी। डीएम ने बताया था कि उन्होंने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा कारणों से लाइसेंस दिया था। हालांकि अब्बास को उस दौरान किससे खतरा था और उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि की पड़ताल क्यों नहीं की गई, इसका जवाब वे नहीं दे सके थे। एसटीएफ ने इस संबंध में शासन को अवगत बताया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्लोवानिया का शूटर दिलाता था असलहे
अब्बास को स्लोवानिया के इंटरनेशनल शूटर बोरिस सोबातिक मिकोलिच ने कई अत्याधुनिक असलहे दिलाए थे। बोरिस की पत्नी स्लोवानिया में असलहों का कारोबार करती है। बोरिस को वर्ष 2017 में डिपार्टमेंट आॅफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने नेशनल शूटर प्रशांत बिश्नोई के साथ मेरठ से गिरफ्तार किया था। बिश्नोई के घर से सौ से ज्यादा विदेशी असलहे और दो लाख कारतूस बरामद किए थे।

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