रावेंद्र शुक्ला
प्रयागराज : बक्शी बांध, फाफामऊ आदी इलाक़ों में नालों के जरिए सैकड़ों कालोनियों, मोहल्लों और ग़ांवों का गंदा पानी गंगा में बहाया जा रहा है। पिछले कुंभ मेले के बाद से गंदे पानी का ट्रीटमेंट (शोधन) भी नहीं हो रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी सितम्बर में गंगा प्रदूषण के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि प्रयागराज में साल भर में करोड़ों खर्च हो रहे हैं फिर भी गंगा की स्थिति वही है। लेकिन इधर कुछ दिनों से 2025 के महाकुंभ की तैयारियों के मद्देनज़र नालों की टेंपिंग का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल फाफामऊ और शांतिपुरम की ओर से बहाए जा रहे नालों की टेपिंग का काम शुरू कर दिया गया है। यहां के नालों की टेपिंग कर बसना नाला के नीचे बनाए जाने वाले एसपीएस में मिलाया जाएगा। नालों के टेपिंग का कार्य वर्ष 2025 में संगम की रेती पर लगने वाले महाकुंभ से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इस सम्बंध में ज़िम्मेदारी तय करने के लिए अभी कुछ समय पूर्व ही ज़िला स्तर पर बैठक भी आयोजित की गयी थी। फाफामऊ में नालों की टेपिंग नमामि गंगे योजना के तहत हो रही है। हालाँकि अभी भी और इलाके हैं जहां से गंगा में सैंकड़ों घरों का गंदा पानी रोज़ गिर रहा है।



Today Warta