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मोर गेन के चक्कर में हो न जाए बैकपेन

Saturday, November 12, 2022

/ by Today Warta



राकेश केसरी

कौशाम्बी। बदलते परिवेश में आर्थिक परेशानियों व अधिक आय की चाहत ने इंसान को अधिक काम करने के लिए विवश कर दिया है। विभिन्न कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों की हालत यह हो गयी है कि वे सुबह दस बजे से लेकर रात दस बजे तक एक ही कुर्सी पर बैठकर काम करते नजर आते हैं। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों में सेल्स मैनेजर के रुप में काम करने वाले लोग दिन भर बाइक पर बैठकर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। इन सब कामों की वजह से धीरे-धीरे बैक पेन की शिकायत आने लगती है। समय के साथ-साथ दर्द की शिकायत बढ़ती है तो दर्दनाशक दवाओं की डोज भी बढ़ती जाती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एससी मिश्रा का कहना है कि विभिन्न कार्यालयों व अन्य संस्थाओं में काम करने वाले लोगों को होने वाली बीमारी को प्रोफेशनल डीजीज कहा जाता है। चार से पांच घंटे एक ही स्थान पर काम करने के कारण रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है। दर्द होने पर अंधाधुंध दर्दनाशक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। दो तीन घंटे के बाद थोड़ी देर के लिए शरीर को आराम देने के साथ ही पैर, हाथ व अन्य अंगों को झटकना चाहिए। 



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