राकेश केसरी
सरसवां विकास खण्ड के दजनों गावों में हुआ घोटाला
कौशाम्बी। अंधेर नगरी चैपट राजा,टका शेर भाजी,टका शेर खाजा की तर्ज पर जिले की विकास योजनाएं चल रही है। मनरेगा योजना के तहत विकासखंड सरसवां क्षेत्र में दर्जनों कैटल शेड का निर्माण कराने के नाम पर जिम्मेंदार नौकरशाह व ग्राम प्रधानों ने अभिलेखों से भारी भरकम धनराशि निकाल ली है। मनरेगा योजना से कैटल शेड निर्माण कराए जाने के नाम पर रकम निकालने के वर्षों बाद भी कैटलशेड का निर्माण नहीं हो सका है। वही मनरेगा की जिम्मेदारी संभाले अफसर धृतराष्ट्र बने बैठे हैं। जिले में कैटल शेड निर्माण में बड़ा खेल हो रहा है। और मामले में संबंधित एपीओ की भूमिका सवालों के घेरे में है। मनरेगा विभाग के जिले की जिम्मेदारी जिस अफसर को दी गई है। उस अवसर की भी भूमिका सवालों के घेरे में है। आखिर बिना कार्य कराए मनरेगा योजना से कैसे रकम निकाली जा रही है। मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारी को सरकारी खजाना लूटने की जानकारी नहीं मिल पा रही है, या फिर कैटल शेड निर्माण के नाम पर जिले में चल रहे गोरखधंधे में मनरेगा अधिकारी हिस्सेदार हैं। यह बड़ी जांच का विषय है। बताया जाता है, कि कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरसवां विकासखंड क्षेत्र में दर्जनों कैटल शेड निर्माण के नाम पर रकम निकाल ली है। कुछ हजार रुपए महीने की नौकरी करने वाले एपीओ की देखते देखते हैसियत बदल गई है। जमीन खरीद लिया है। मकान बनवा लिया है। घोटाले की ओर लोगों ने डीएम सीएम का ध्यान आकृष्ट कराया है।

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