राकेश केसरी
कौशाम्बी। तमाम पेड़-पौधे जड़ी-बूटियों के रूप में हमारे इर्द-गिर्द फैली होती हैं। जानकारी के अभाव में हम उनका औषधीय उपयोग नहीं कर पाते। इसी में से एक है अशोक की छाल। कई रोगों में इसका जवाब नहीं। मासिक धर्म की अनियमितता में तो यह बेहद कारगर है। अशोक की छाल के साथ खजूर व अंगूर के सेवन से शारीरिक कमजोरी दूर होती है। इसके साथ ही कमर दर्द निवारण में भी यह रामबाण की तरह काम करता है। पेट रोग और अन्य कई विकारों में इसका प्रयोग लाभकारी साबित हुआ है। दांत के दर्द में इसके रस का सेवन राहतकारी होता है। मासिक धर्म बिगडने के साथ कुछ दिनों तक इन दवाओं का सेवन रामबाण है। इसके साथ ही बुखार, खांसी, दर्द, जकडन आदि में इसके प्रयोग से राहत मिलती है। वैद्य अशोक कुमार ने बताया कि इसके चमत्कारी होने का सबसे बड़ा कारण है सोडियम, एंजाइम्स, एंमिनो आदि से परिपूर्ण होना है। इसमें शरीर के कीटाणुओं को मारने की अद्भुत क्षमता है। यह पुष्टिकारक, नेत्रों के लिए हितकर, त्वचा रोग नाशक तथा वायु विकार के लिए विशेष लाभप्रद है। त्वचा के रुखे पन को दूर करने में यह चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है। यह एसीडिटी,कब्ज व साइनोसाइटिस में तत्काल प्रभावी है।

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