राकेश केशरी
कौशाम्बी। जागरुकता के अभाव में एड्स जैसी घातक बीमारी जनपद के लोगों को अपने गिरफ्त में ले रही है। बीते तीन माह से स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी का परीक्षण करने में नाकाम है। इस वजह से जिले में एचआईवी के मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकता है। रोजगार के अभाव में जनपद के नवयुवक महानगरों में रहकर रोजी-रोटी के लिए कमा रहे हैं। असुरक्षित यौन संबंध के चलते ऐसे लोग एचआईवी की गिरफ्त में आ जाते हैं। फिर उन्हीं के जरिए उनकी पत्नी व बच्चे भी एड्स जैसी घातक बीमारी के गिरफ्त में आ जाते हैं। बीमारी पर अंकुश लगाने व परीक्षण करने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में लिंक सेंटर खोला गया है। विभाग के पास परीक्षण करने के लिए किट नहीं है। इसकी वजह से कितने नए मरीज बीमारी की गिरफ्त में आए। इसका पता नहीं चल पा रहा है। गर्भावस्था के बाद महिला का परीक्षण किया जाता है। पता चलता है कि वह एचआईवी से पीडित तो नहीं है। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो होने वाले बच्चे के बचाव के लिए इंतजाम किए जाते हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं का परीक्षण भी नहीं हो पा रहा है। इससे जनपद में एचआईवी का ग्राफ बढने की आशंका व्याप्त है।

Today Warta