राकेश केशरी
कौशाम्बी। जिले में फर्जी चिकित्सकों के चलते मौतों का शिलशिला थमने का नाम नही ले रही है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी भी हाथ पर हाथ रख मौतों का तमाशा देखने मे मशगूल है। मासूम के मामूली बीमार होने पर उसके परिजन कथित डॉक्टर को दिखाने क्या गये उसने तो महज 12 दिन के बच्चे की सांसें ही छीन ली। उस पिता को क्या पता था कि जिस जिगर के टुकड़े को इलाज के लिये ले जा रहा है वो मासूम की जिंदगी कुछ समय बाद डॉक्टर छीन लेगा। जिस पिता की गोद मे बच्चा कुछ समय पहले खेल रहा था,उसी गोद में बच्चा तो है मगर उसमे सांसे नही है। कडाधाम थाना क्षेत्र के सातों घोसियाना निवासी मुर्स्लीम ने सैनी थाना क्षेत्र के सिराथू कस्बें के वार्ड न० 7 धाता रोड स्थित विश्वकर्मा दंत चिकित्सालय ले गए। वहाँ डॉक्टर के भेष में बैठे मौत के सौदागर ने उस मासूम का इंजेक्शन लगाकर ऐसा इलाज किया कि कुछ ही समय बाद उस मासूम का अस्पताल में ही सांसे उखड़ने लगी। देखते ही देखते पिता के सामने ही उसके मासूम बेटे के सांसे थम गई। अस्पताल में चीख-पुकार की आवाजें उठने लगी। जब इस घटना की जानकारी मृत मासूम के पिता ने अपने परिजनों को दी तो परिजन कुछ ही समय बाद रोते बिलखते अस्पताल पहुचकर हंगामा करने लगे। हंगामा देख डॉक्टर रामप्रताप विश्वकर्मा ने हंगामे की सूचना पुलिस को दी। स्थानीय पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर किसी तरह परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल, सवाल बनकर ही रह गया कि आखिर इन जैसे चिकित्सको पर जिला प्रशासन कार्रवाई कब करेगा या मौत का शिलशिला ऐसे ही चलता रहेगा,जिस पर प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर मौत का तांडव देखता रहेगा।

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