राजीव कुमार जैन रानू
समर्थन में स्कूल भी रहे बंद,लाखों का कारोबार हुआ प्रभावित
नारे बाजी कर सरकार को कोसा और कहा अपना हक लेकर रहेंगे
ललितपुर। जैन समाज ने वंदनीय तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन नहीं पवित्र क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे जिससे लाखों का कारोबार प्रभावित हुआ। दिन भर युवकों ने नारेबाजी कर सरकार को कोसा और कहा हम अपना हक लेकर रहेंगे इसके लिए कितना भी बडा आन्दोलन करना पडे पीछे नहीं रहेगे। आज सुबह से ही नगर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। स्कूल संचालकों ने भी विद्यालय बंद रखकर सम्मेद शिखर की पवित्रता पर श्रद्धा जताई और जैन समाज की मांगों का समर्थन किया। शहर के बाजारों में दुकानें बंद रहने से जहां लोगों को दिक्कतें रही यही नहीं गल्ला मण्डी सराफा बाजार बंद रहने से किसान परेशान रहे। गौरतलव रहे कि झांरखण्ड सरकार ने केन्द्रीय वन मंत्रालय द्वारा एक अधिसूचना जारी कर श्री सम्मेद शिखर जी को वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग घ्ज्ञोशितकिया गया जिसक काारण पर्यटन व गैर धामिक गिितिवधयों की अनुमति दी गई जिसको लेकर जैन समाज द्वारा देश व्यापी आन्दोलन शुरू हो गया। जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल का कहना है कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों की पवित्र भूमि को पर्यटन क्षेत्र घोषित होना घोर आपत्ति जनक है। 20 तीर्थंकरों की मोक्ष सथली शिखर जी को वन्य जीव अभ्यारण घोषित किया जाना स्वीकार नहीं। जिले व्यापार मण्डलों ने जैन समाज के आन्दोलन को समर्थन देकर अपने पदाधिकारियों के साथ देखे गए।
झारखण्ड सरकार ने पर्यटन स्थल सबंधी निर्णय लिया वापिस
जैन समाज द्वारा तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने वाले निर्णय को झारखण्ड सरकार ने वापिस ले लिया। मुख्यमंत्री झारखण्ड हेमंत सोरेन के अनुसार सम्मेदशिखर जी की पहिचान तीर्थ स्थल के रूप में ही रहेगी। उक्त निर्णय समूचे जैन समाज द्वारा देश व्यापी प्रदर्शन के चलते लिया गया। उक्त जानकारी देते हुए जैन समाज के मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि उक्त निर्णय से जैन समाज में हर्ष माहौल है और इसे अपने आस्था और श्रद्धा की जीत बता रहे है।

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