प्रयागराज। गंगा-यमुना में गिरने वाले नालों के पानी की जांच हो गई। बायो रेमेडियल विधि से नालों के पानी की सफाई को लेकर न्यायालय की नाराजगी के बाद जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने तीन विभागों की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारियों की टीम ने शनिवार से बुधवार तक गंगा-यमुना में गिरने वाले 60 नाले और सात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की जांच की। टीम ने नाले और एसटीपी से पानी के नमूने लिए। जांच टीम के सदस्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों में क्षमता से अधिक पानी का शोधन मिला। सभी नालों का पानी भी बायो रेमेडियल विधि से साफ किया जाता पाया गया। सभी प्लांट और एसटीपी से पानी के नमूने लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।

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