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शिक्षा क्षेत्र में मधुर ने बढा़या जनपद का गौरव, आईसीयससी बोर्ड की लिखा हिंदी की पुस्तक

Thursday, January 12, 2023

/ by Today Warta




मोहम्मद जमाल

उन्नाव। कवि, साहित्यकार एवं शिक्षक अनिल कुमार वर्मा 'मधुर' का जन्म 16 जनवरी सन् 1975 को ग्राम अलहदादपुर,  तहसील जयसिंहपुर, जनपद सुलतानपुर उ०प्र० में हुआ। । इनकी माता का नाम निर्मला देवी और पिता का नाम रामतीर्थ है जो कि एक साधारण किसान थे। पूरे परिवार और चार बहनो के विवाह का उत्तरदायित्व इनके कंधे पर डालकर सन् 2003 में ही इनके पिताजी गोलोकवासी हो गये। जीवन के झंझावातों से संघर्ष करते हुए भी ये सदा साहित्य साधना में संलग्न रहे।  इनका विवाह गीता देवी से हुआ। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गाँव के ही परिषदीय विद्यालय में हुई । इनकी शिक्षा एम ए,बी यड ही हो पाई।  इनका प्रारम्भिक जीवन अभावों और समस्याओं से संघर्ष करते हुए बीता। विद्यार्थी जीवन में भी ये सदैव अर्थाभाव से जूझते रहने के कारण,मन में लगन होते हुए भी पी एच डी से वंचित रहे। शिक्षा पूर्ण होने के साथ ही इनके ऊपर परिवार के भरण पोषण का उत्तरदायित्व भी आ गया।  सन्-2009 में जब इनकी नियुक्ति बेसिक शिक्षा परिषद में सहायक अध्यापक पद पर हुई तब गृहस्थ जीवन की गाड़ी खींचने का कुछ सम्बल मिला। सन् 2013 मे प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति हुई। तब से अद्यतन विकास क्षेत्र बल्दीराय में शिक्षा की ज्योति जला रहे हैं। 

      स्वभाव से सरल, शान्त व निश्छल 'मधुर' जी का व्यवहार भी अत्यंत मधुर है। लेखन की प्रेरणा 'मधुर' जी को प्रकृति से मिली।  

सन् 1989 से ही इन्होने  कविता लिखना आरम्भ कर दिया । एक अरसे के बाद कवि सम्मेलनो एवं गोष्ठियों में आना-जाना प्रारंभ हुआ और साहित्य सृजन को गति मिली। वेदना,हरीतिमा, नये पंखों की उड़ान, ज्वालामुखी (कविता संग्रह), पलकों की सेज (कहानी संग्रह) इनकी प्रमुख रचनाएं हैं। इनकी काव्य कृति वेदना के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इन्हें शिक्षा रत्न से सम्मानित किया।  देश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में इनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं।अपने परम प्रिय मित्र,पाठ्यक्रम पुस्तक लेखक श्री सर्वेश कांत वर्मा 'सरल' जी की प्रेरणा, मार्गदर्शन और सहयोग से इन्होंने पुस्तक लेखन का कार्य प्रारंभ किया और आईसीएससी बोर्ड  की श्री बालाजी पब्लिकेशन के सौजन्य से हाई स्कूल की सरल हिंदी व्याकरण  पुस्तक लिखकर जनपद का नाम रोशन किया तथा विद्यार्थियों को व्याकरण की एक अच्छी पुस्तक उपलब्ध कराया और विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की।

रामरती इंटर कालेज द्वारिकागंज, सुलतानपुर के प्रबंधक भूपेंद्र नाथ वर्मा, प्रधानाचार्य डॉ रामजीत, साहित्यकार मथुरा प्रसाद सिंह जटायु, रमेश चंद्र शर्मा नंदवंशी,वृजेश वर्मा, पवन कुमार, साहित्यकार चित्रेश और ईष्ट मित्रों एवं शिक्षकों ने बधाई और शुभकामनाएं दिया।

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