राकेश केशरी
कौशाम्बी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाके में भी दिखाई दे रहा है। श्ज्ञुक्रवार का दिन सीजन का सबसे सर्द दिन रहा। जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री और अधिकतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि वैज्ञानिको के मुताबिक फिलहाल में सर्दी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। अगले सप्ताह में बारिश होने की भी संभावना है। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा तो शाम से फिर घना कोहरा, सर्द हवाएं चलने लगीं, जिससे कड़ाके की ठंड रही। बफीर्ली हवाएं चलने से गर्म कपड़े पहनने पर भी राहत नहीं मिल पा रही थी। शीतलहर का प्रकोप दिनभर बना रहा, सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। शीतलहर के कारण रात में ही नहीं दिनभर कंपकपी छूटती रही। पारा लढ़क कर 5 डिग्री सेल्सियस तक आ पहुंचा है। सर्दी से तो सभी परेशान हैं, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों की मुसीबत बढ़ गई है। गलन और ठिठुरन से घर से निकलना मुश्किल हो गया है। बाजारों में दिनभर सन्नाटा ही दिखाई दिया, जगह-जगह हीटर और अलाव जलाकर कड़ाके की ठंड से बचाव किया जा रहा है।
नकाफी साबित हो रहे अलाव
सर्दी के चलते स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं, बच्चों को घर में रोकना मुश्किल हो रहा है। ट्रेनों और बसों में यात्रियों की संख्या कम दिखाई पड़ी। सबसे ज्यादा दिक्कत उन मेहनतकशों को हो रही है जो दिनभर मजदूरी कर शाम को चूल्हा जलाने का इंतजाम करते हैं। जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत प्रशासन की ओर से जगह-जगह अलाव जलवाए जा रहे हैं, लेकिन शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
बोले डीएम
जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए सभी एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को चैराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। रैन बसेरा सभी आवाश्यक सुविधाये 24 घंटे रखने के लिये निर्देशित किया गया है। अधिकारियों को रात में भ्रमण कर जरूरतमंदों को कंबल वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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