राकेश केशरी
कौशाम्बी। राजकीय नलकूप विभाग हर खेत को पानी देने के वादे पर पानी फेर रहा है। तीन दर्जन नलकूप दो वर्षो से बंद पड़े हैं। कुलाबे व नालियां टूटकर ध्वस्त हो चुकी हैं। खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी विकास खंडों में राजकीय नलकूप लगाए गए हैं। बतां दें की 1999 में राजकीय नलकूपों का संचालन ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया था। नलकूपों का रखरखाव भी पंचायतों के जिम्मे था। 2006 में संचालन का दायित्व पुन: राजकीय नलकूप विभाग को सौंप दिया गया। 17 वर्ष की अवधि में सभी नलकूप जर्जर अवस्था में पहुंच गये। विभाग ने कागजों में उन्हें दुरुस्त कर लिया। नलकूपों की खराबी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। बीतें दिनो बैठक में डीएम सुजीत कुमार ने अधिकारियो को नलकूप का निरीक्षण कर उसे चालू कराने का निर्देश दिया था। लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। राजकीय नलकूप के अधिशाषी अभियंता का कहना है कि अधिकांश नलकूप विद्युत दोष के चलते बंद हैं। यांत्रिक खराबी को तत्काल दूर कर लिया जाता है।

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