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दिमाग तरोताजा रखने को भी दवा का सहारा

Saturday, January 28, 2023

/ by Today Warta

 


राकेश केशरी

कौशाम्बी। आगामी दिनो में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के चलते बच्चों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। दिन रात पढ़ाई करते हैं,जिससे दिमाग पर काफी लोड पड़ता है। बच्चे दिमाग तरोताजा रखने के लिए तमाम जतन भी कर रहे हैं। इसके लिए दवाई,सीरप आदि ले रहे हैं। परीक्षा से कोई भी समझौता छात्र.छात्राओं को मंजूर नहीं है। हर कोई अच्छे नम्बरों के साथ अपना विशिष्ट स्थान बनाना चाहता है। टॉप करने की होड़ में सघन परिश्रम ही एकमात्र विकल्प नजर आता है,तो चाहे रात हो या दिन बस पढ़ाई ही करना है। स्टडी का लोड कहीं टेंशन न बन जाए। इसके लिए मेडिकल साइंस की हेल्प भी ली जा रही है। यानी तमाम दवाई और सीरप आदि ले रहे हैं। बाजार में इस तरीके के कई प्रोडक्ट उपलब्ध हैं जो स्मरण शक्ति बढ़ाने और दिमाग तरोताजा रखने के दावे करते हैं। दिमाग तेज करने का ये शॉट कट बच्चों को काफी लुभा रहा है। इसलिए धड़ल्ले से इन दवाईयों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें दिमागीन,शंखपुष्पी,रीमाइंड सीरप,रोशन बादाम,शीरीन तेल आदि मार्केट में मौजूद हैं। इसके अलावा विटामिन की टेबलेट की भी खूब बिक्री हो रही है। जिला मुख्यालय के मंझनपुर चैराहा स्थित शुक्ला मेडिकल स्टोर के स्वामी दीपक शुक्ला ने कहा कि दिमाग को तरोताजा रखने वाले आयुर्वेदिक सीरप को लोग खूब खरीद रहे हैं। इनकी कीमत डेढ़ सौ रुपये तक है। इस संबध में डा0 सुभाष गुप्ता ने कहा कि हर व्यक्ति का बाडी सिस्टम अलग होता है। कौन सी दवा किसे सूट करती है यह चेकअप करने के बाद ही पता चलता है। दिमागी ताकत के सीरप एक अनुपात मे ही लेने चाहिए। इसकी ओवरडोज नुकसान पहुंचा सकती है। इससे दस्त,कमजोरी आदि की शिकायत हो सकती है। जिला चिकित्सालय के डा० विवेक केशरवानी ने कहा कि आयुर्वेदिक दवाईयां लेने में कोई हर्ज नहीं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खान.पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दिमाग तरोताजा रखने के लिए बादाम खाना फ ायदेमंद है। इसके लिए बादाम को भिगोकर उसका छिलका उतार कर खाये। इसके अलावा फल,हरी सब्जियां,दूध पिये। तनाव दूर करने के लिए मेडीटेशन और योग करना लाभदायक है।


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