राकेश केशरी
कौशाम्बी। तेजी से परिवर्तित हो रहे मौसम से सबसे अधिक चिंतित गेहूं की खेती करने वाले किसान है। लेट प्रजाति की गेहूं की फ सल में बालियां निकल रही है। ऐसे में पौधों को पानी और ठंड की जरुरत है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम के अचानक गरम होने से इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ सकता है। दरअसल मौसम का मिजाज पिछले एक हप्तें से अचानक बदल गया है। सूर्य की किरणें काफी तल्ख हो गयी हैं। इसके चलते गेहूं की फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय गेहूं की फसल में बालियां निकल रही है। ऐसे में दाने अच्छे पड़े इसके लिए ठंड का मौसम होना जरूरी है। यदि मौसम का रुख इसी तरह बरकरार रहा तो बालियों में गेहूं के दाने पतले पड़ेंगे जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। उपनिदेशक कृषि का कहना है कि करीब एक पखवारे तक ठंड का मौसम रहना आवश्यक है। कहा कि ठंड से गेहूं की बालियों में दाने अंकुरित होते हैं और उनमें परिपक्वता आती है। मौसम गर्म हो जाने से दाने बहुत मजबूत नहीं हो पाते हैं। मौसम परिवर्तन का असर विशेष रूप से लेट से बोई गई फसल पर अधिक पड़ेगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि बदलते मौसम में फसल को सुरक्षित रखने के लिए रात के समय हल्की सिंचाई करें। दिन के समय तेज हवा चल रही है ऐसे में सिंचाई करने से पौधे झुक जाएंगे। ऐसे में बालियों में गेहूं ठीक ढंग से अंकुरित नहीं हो पाएगा।

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