राकेश केशरी
कौशाम्बी। अवैध शराब उत्पादन के कारोबार में कोखराज क्षेत्र में अपनी जड़ जमाता जा रहा है। जगह-जगह कुटीर उद्योग की तरह कच्ची शराब बनाने और बेचने का धंधा फलफूल रहा है। इसकी रोक थाम के लिए आबकारी विभाग और मूरतगंज चैकी पुलिस की कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रह जाती है। यही कारण है कि क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर कच्ची दारू का उत्पादन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव हैं, जहां कच्ची शराब की भट्टिया धधक रही हैं। कच्ची शराब के उत्पादन करने वाले धंधेबाजों ने अपना मुख्य ठिकाना चिटकहना, परशुरामपुर, नादिरगंज, जीवन गंज, जलालपुर बोरियों, मुजाहिद पुर, क्षेत्र चुन रखा है। पूरी रात कच्ची दारू उगलने वाली भट्ठियां धधकती नजर आती हैं। रात भर का समय गुजरने के बाद एक-दो लीटर नहीं, बल्कि सैकड़ों लीटर कच्ची शराब तैयार हो जाती है। तैयार हो चुकी कच्ची दारू की बिक्री अपने तय स्थान और समय पर होती है। उत्पादन के बाद झुग्गी-झोपड़ियों पर कच्ची शराब की बिक्री आम बात हो चुकी है। भारी मात्रा में बन रही कच्ची शराब की लत में इन दिनों युवा वर्ग नशे की लत मे फसता जा रहा है।

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