राजीव कुमार जैन रानू
सीएमओ कार्यालय में मनाया गया विश्व कुष्ठ दिवस
ललितपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में विश्व कुष्ठ दिवस मनाया गया। इसके साथ ही महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सघन कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान मौजूद कर्मियों को शपथ दिलाई गई, साथ ही जिलाधिकारी का संदेश पढ़ा गया। यह अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा। जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह के निर्देशन पर चलाये जा रहे इस अभियान के अंतर्गत प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने-अपने स्तर से लोगों को जागरूक किया जाएगा। वर्तमान में जनपद में 84 कुष्ठ रोगी चिन्हित हैं, जिनका उपचार चल रहा है। सीएमओ डा.जे.एस.बक्शी ने कहा कि किसी भी कुष्ठ रोगी से भेदभाव नही करना चाहिए। ऐेसे रोगियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान के अंतर्गत 30 जनवरी से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। वर्तमान में जिले में 84 एक्टिव केस हैं। अप्रैल 2022 से अब तक 75 मरीज खोजे गए हैं। वही, 53 कुष्ठ रोगी रोगमुक्त हो चुके हैं। कुष्ठ रोग का इलाज सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। जिला कुष्ठ अधिकारी डा.आर.एन.सोनी ने बताया कि कुष्ठ सामाजिक अभिशाप नहीं है। यह बीमारी इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाती है। कुष्ठ रोग छूने से नहीं बल्कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने एवं थूकने से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में इसके बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं। समय पर मल्टी ड्रग थेरेपी के उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। सभी सरकारी चिकित्सालय में इसकी दवा उपलब्ध है। उप जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा.सौरभ सक्सेना ने बताया कि कुष्ठ रोगियों की निस्वार्थ भावना से सेवा करना ही गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। गांधी जी ने हम लोगों को सिखाया कि कुष्ठ रोगियों के प्रति अच्छा व्यवहार व उनका इलाज कर उन्हें मुख्यधारा में जोड़ सकते हैं। कुष्ठ रोग कोई कलंक नहीं है, बल्कि दीर्घकालीन संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक बैक्टीरिया से फैलता है। यह हाथ-पैरों की परिधीय तंत्रिका, त्वचा, नाक की म्यूकोसा और श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान और उपचार शीघ्र न हो तो यह स्थाई विकलांगता का कारण बन जाता है। कुष्ठ रोगी से भेदभाव बिल्कुल न करें और न ही किसी प्रकार के अंध विश्वास या अफवाह पर विश्वास करे। इस बार की थीम एक्ट नाउ, एण्ड लेप्रोसी यानि कुष्ठ रोग को अभी समाप्त करो रखी गई है। शपथ ग्रहण कार्यक्रम सीएचसी, पीएचसी में भी मनाया गया। अंत में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में शहीद होने वाले शहीदों की याद में दो मिनट का मौन धारण किया गया। कार्यक्रम में उप चिकित्सा अधिकारी डा.अमित तिवारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डब्लूएचओ के एसएमओ डा.सुमित बघेल, एनएमएस स्वरूप चंद जैन, धनेश कुमार, एनएमए बालकिशन, मौजूद रहे।
कुष्ठ रोग के लक्षण
कुष्ठ रोग के नोडल ने बताया कि लेप्रोसी या कुष्ठ के दौरान शरीर पर सफेद चकत्ते यानी निशान पडऩे लगते हैं। यह निशान सुन्न होते हैं यानी इनमें किसी तरह की संवेदनाए नहीं होती है। यह पैच या धब्बे शरीर के किसी एक हिस्से पर होने शुरू हो सकते हैं, जो ठीक से इलाज न कराने पर पूरे शरीर में भी फैल सकते हैं।

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