इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र
शिकायतकर्ता से दबाव डालकर राजीनामा कराने की चर्चाएं
ग्राम प्रधान पर लग रहे आरोप
ललितपुर। मुख्यालय के निकटवर्ती ग्राम मसौराखुर्द से निकले नाले (नरवा) किनारे से मिट्टी व मौरंग का जमकर अवैध रूप से खनन किया गया है। मामले की शिकायत कुछ दिनों पहले आलाधिकारियों से की गयी थी। लेकिन यहां सूत्र बताते हैं कि राजस्व कर्मियों की शिथिलता के चलते ग्राम प्रधान ने दबाव बनाकर शिकायतकर्ता से राजीनामा कर लिया, जिसके चलते आगे कार्यवाही नहीं हुयी। व्यापक पैमाने पर हुये अवैध खनन को लेकर अब ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मसौराखुर्द में कुछ दिनों पहले हाई-वे किनारे डालने के लिए मिट्टी की आवश्यकता थी, जिसे कुछ लोगों द्वारा ग्राम प्रधान से सांठगांठ कर नाले (नरबा) किनारे से जेसीबी मशीनें चलाकर निकाला गया था। मामले की शिकायत मुख्यालय स्थित गल्ला मण्डी के पास रहने वाले व मसौराखुर्द के ही एक व्यक्ति ने शिकायत भी की थी। लेकिन इसके पहले की शिकायत आलाधिकारियों तक पहुंचती या फिर सार्वजनिक हो पाती कि इसके पहले सांठगांठ करते हुये प्रधान ने शिकायतकर्ता से दबाव बनाकर राजीनामा करा लिया। जिसके चलते शिकायत पर कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी। लेकिन जेसीबी मशीनों के जरिए निकाली गयी मिट्टी व मौरंग का अवैध खनन तो मौके पर हुआ है। मौके पर खदान नुमा स्थान इसकी गवाही के लिए पर्याप्त है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस मिट्टी व मौरंग को निकालकर बेचने में ग्राम प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जबकि मिट्टी का खनन खजुरिया गांव के एक ठेकेदार द्वारा कराया गया। ग्रामीणों ने जनहित में जिला प्रशासन से इस मामले में जांच करायी जाकर कार्यवाही किये जाने की गुहार लगायी है।

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