राजेंद्र प्रसाद मिश्र
बारा प्रयागराज।क्षेत्र के किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 22 फरवरी से अनवरत धरना प्रदर्शन शुरू किया है।प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने से उग्र हुए किसान पाँचवे दिन एसडीएम बारा की गाड़ी के आगे लेट गए।भारतीय किसान यूनियन (भानू) के बैनर तले किसानों का आंदोलन चल रहा है। धान क्रय केन्द्रों पर किसानों के धान की तौल होने के बाद क्रय केन्द्र प्रभारियों ने किसानों का अँगूठा लगवाये बिना ही क्रय केंद्रों पर ताला लटका दिया।जिसको लेकर किसान तहसील मुख्यालय बारा में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।किसानों का आरोप है कि उपजिलाधिकारी बारा किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय नजरंदाज कर रहे हैं।पाँचवें दिन किसानों के सब्र का बांध टूट गया और तहसील मुख्यालय से बाहर निकल रहे उपजिलाधिकारी की गाड़ी के आगे दर्जनों किसान व धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाएं जाकर खड़े हो गए और तहसील मुख्यालय के मेन गेट पर किसानों ने ताला लगा दिया।जिससे तहसील परिसर से बाहर उपजिलाधिकारी नहीं निकल पाये।इस प्रकरण में किसान यूनियन(भानू)के मण्डल महासचिव के के मिश्रा ने बताया कि अधिकारी जान-बूझकर किसानों की समस्याएं नहीं सुन रहे हैं।वह केवल धान क्रय केन्द्रों पर सक्रिय बिचौलियों और दलालों के पक्षधर बने हुए हैं।जिसके कारण हजारों क्विंटल धान की तौल होने के बाद केन्द्र प्रभारी गायब हैं।किसानों का उग्र प्रदर्शन देख तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी निरीक्षक बारा अनिल कुमार वर्मा, सह निरीक्षक राजेश कुमार सचान अपने दल-बल के साथ तहसील परिसर में पहुंच गए। एसडीएम बारा सूदन अब्दुल्लाह ने किसानों से वार्ता कर उनकी बातों को आला अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही,लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे कि 28 फरवरी को जब धान क्रय केन्द्र बन्द हो जाएंगे तो किसानों का पैसा कैसे मिल पायेगा।इस संदर्भ में एसडीएम बारा सूदन अब्दुल्लाह ने बताया कि किसानों से वार्ता की जा रही है और जल्दी ही समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।

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