इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र
ललितपुर। इंदौर की साहित्यिक संस्था मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जनपद के हिंदी साहित्य में बहुमुखी प्रतिभा के धनी डा.अंशुल जैन आराध्यम को हिंदी में बेहतरीन लेखन के लिए काव्य गौरव अलंकरण से सम्मानित किया गया। इन्दौर प्रेस क्लब के राजेन्द्र माथुर सभागृह में आयोजित इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल न्यायमूर्ति विष्णु सदाशिव कोकजे एवं इंदौर के सांसद शंकर लालवानी जी द्वारा, जनपद के गौरव एवं राष्ट्रीय कवि डॉ अंशुल जैन आराध्यम को हिंदी में बेहतरीन लेखन के लिए काव्य गौरव अलकंरण से अलंकृत किया गया। मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा प्रति वर्ष आयोजित होने वाले इस हिंदी भाषा के गौरव समारोह के अवसर पर माननीय राज्यपाल ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि डा.जैन नई युवा पीढ़ी के उत्कृष्ट गीतकार हैं। साथ ही सासंद लालवानी ने कहा कि हमें हमारी मातृभाषा हिंदी का दैनिक जीवन, व्यवहार एवं शिक्षा में अधिक से अधिक प्रयोग किया जाना चाहिए। दूसरी भाषाओं से हमें कोई परहेज नही हम ज़्यादा से ज़्यादा भाषाएँ सीखें। किन्तु मातृभाषा का सम्मान हमें हमेशा बनाये रखना चाहिए। हम अपनी मातृभाषा में अपनी भावनाओं को जितने प्रभावशाली तरीके से रख सकते हैं। उसे अन्य किसी भाषा में नहीं रख सकते हैं हिंदी विश्व की सबसे समृद्ध भाषाओं में से एक है हिंदी के शब्दों का उच्चारण भी वैज्ञानिक और तकनीकी आधार वाला है हम सभी को आज के इस आयोजन पर अपनी भावाभिव्यक्ति को अपनी मातृभाषा में रखने का संकल्प लेना चाहिए। आज के इस समारोह को सांसद शंकर लालवानी, प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी, मुस्कान भारतीय, और सम्मानित अतिथि डा.राज पुरोहित एवं प्रो. द्विवेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अन्य सम्मानित व्यक्तियों के अलावा ललितपुर से पधारे ग्रामीण बैंक में पदस्थ अधिकारी प्रभात चतुर्वेदी, लोकेश श्रीवास एवं उनके साहित्य प्रेमी साथियों ने इंदौर कार्यक्रम में पहुंचकर बधाइयां प्रेषित की। स्वागत उद्बोधन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अर्पण जैन अविचल ने दिया। सम्मान पत्र का वाचन शिक्षाविद डा.संगीता भारूका सिंघानिया व श्रुति अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन कवि अंशुल व्यास ने और आभार अमित मौलिक ने किया।

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