राकेश केशरी
कौशाम्बी। पूर्व सैनिकों ने वन रैंक वन पेंशन की नीति का विरोध किया। प्रदर्शनकारी पूर्व सैनिकों ने डायट मैदान से कलेक्ट्रेट तक हाथ में तिरंगा लेकर पैदल जुलूस निकाला। राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम वित्त के जरिए भेजा है। उनका कहना है कि सैनिकों की पेंशन व भत्ते एक समान होना चाहिए। प्रदर्शनकारी भूतपूर्व सैनिकों ने मांग उठाई है कि वन रैंक वन पेंशन में रिटायर्ड अफसरों की पेंशन को बढ़ा दिया गया है, जबकि जवानों की पेंशन और भत्ते को घटाया गया है। इसको लेकर दिल्ली के जंतर मंतर में धरना चल रहा है। पूर्व सैनिकों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन कौशांबी जिले से भेजकर पूर्व सैनिकों की पेंशन और भत्ते एक समान किए जाने की मांग की है। कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन सौंपने पहुंचे पूर्व सैनिक जिले भर से आए थे। इन लोगों ने प्रदर्शन कर बताया कि सरकार ने जो दूसरी वन रैंक वन पेंशन योजना बनाई है। उसमें अधिकारियों को बढ़ावा देते हुए भत्ते ज्यादा दिए जा रहे हैं जबकि सैनिकों की पेंशन व भक्तों को कम कर दिया गया। पूर्व नायक राम चरण पाल ने बताया कि पेंशन योजना में जो नीति तैयार की गई है उसमे विसंगतिया हैं। पूर्व सैनिक व सैन्य अफसरों को दिए जाने वाले भत्तों में बड़ी विसंगतिया है। इस काम को सैन्य अफसर सैनिक एक सामान करते हैं। उसके भत्ते अलग अलग क्यों दिए जाने हैं। अफसरों को भत्ते ज्यादा और सैनिक को भत्ता कम दिया जाता है। इसका विरोध कर उन्होंने सोमवार को राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन एडीएम वित्त को सौपा है।

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