राकेश केशरी
कौशाम्बी। अपर जिला जज नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत ने छेड़खानी के दो दोषियों को तीन-तीन साल के कैद की सजा सुनाई। अदालत ने मुलजिम को 8 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामला 8 अगस्त 2014 में कोखराज पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर दर्ज किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान 4 गवाह पेश किए गए। कोखराज थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़ित पिता ने बेटी से छेड़खानी किए जाने की तहरीर पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की। तहरीर में पीड़ित पिता ने बताया कि उसकी बेटी 8 अगस्त 2014 की रात 9 बजे घर में खाना खाकर लेटी थी। तभी पड़ोसी रूपचंद्र व अवधेश घर में घुस आए। आरोपी घर में घुस कर पीड़ित की नाबालिग बेटी से छेड़खानी करने लगे। जिसका विरोध करते हुए पीड़ित ने शोर मचाया। शोर सुनकर पीड़ित को बचाने को परिजन पहुंचे। आरोपी बच्ची को धमकी देते हुए भाग निकले। पीड़ित पक्ष की तहरीर के अनुसार कोखराज पुलिस ने आरोपी रूपचंद्र एवं अवधेश को मुकदमे का नामजद आरोपी बनाया। विवेचना कर पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर अदालत से कड़ी सजा दिलाई जाने की मांग की। अदालत में 4 गवाह पेश किए गए। एडीजीसी शशांक खरे ने बताया कि अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान 4 गवाह पेश किए गए। गवाहों व सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी रूप चंद्र व अवधेश को दोष सिद्ध पाया। अदालत ने मुलजिम रूप चंद्र एवं अवधेश को तीन-तीन वर्ष की कठोर कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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