राकेश केशरी
कौशाम्बी। प्रभाष गिरि मे मकर संक्राति पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले का आनंद लाखों दर्शको ने लिया। मेले की सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी मुस्तैद रहा,इस मेले मे जनपद के अलावा पडोसी जनपद चित्रकूट ,बांदा प्रयागराज से हजारो दर्शक प्रभाष गिरि का मेला देखने आए हुए थे। प्रभाष गिरि मे लगने वाला परम्परागत खिचडी के मेला मे लाखों की भीड जुटी,इस अवसर पर श्रृद्धालुओ ने यमुना नदी मे स्नान कर भूजा व मिठाई का आनंद लिया,इसके बाद श्रद्धालुओं ने जैन धर्मशाला व प्रभाष गिरि मे स्थित बहुला मंदिर व पद्म प्रभु मंदिर का दर्शन किया। मेले मे सबसे अधिक लाठी खरीदने वाले देखे गये,दर्शको ने पत्थर से बने सिल बट्टा, होलसा व अन्य सामग्री की भी खूबखरीदारी किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था मे लगे पुलिस के जवान भीड को नियंत्रित करने मे लगे रहे। भीड मे आए जेब कतरे भी हाथ की सफाई दिखाकर दर्शको को मायूस करने मे सफल रहे,मेले मे महिलाओं की भीड पुरुषों से अधिक रही,मेले के आयोजक भी किसी अनहोनी से बचने के लिए व्यवस्था मे लगे रहे।
उत्साह के साथ मनाई गई मकर संक्रांति
भगवान पदम प्रभु की जन्म और तपस्थली कौशाम्बी में सूर्य की उपासना का पर्व यानी मकर संक्रांत हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। जैन समुदाय के दिगंबर अन्यय भी आस्था और संकल्प के साथ सूर्य पर्व को मनाते हैं, जैन धर्मं के तीर्थ प्रभुता पर्वत में मकर संक्रांति के दिन मेला शुरू होते देखने को मिलता है,सूर्य की किरणों की लालिमा के साथ जैन तीर्थ पर लगने वाले इस मेले की अनुपम छटा देखते ही बनती है,जिसे देखने दूर-दूर से लोग एकत्र होते हैं। दिगंबर जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान पदम प्रभु और जन्म स्थली प्रभास गिरी पर्वत में मकर संक्रांति के दिन विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।



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